Thursday, 14 February 2013

What India means to Italy’s state based company Agusta Westland.

हमारे देश की ट्रेनों के sleeper coach में अक्सर एक नज़ारा देखने को मिलता है वो है कुछ लोगो का आना और पैसे माँगना। इन लोगो में ज्यादातर छोटे बच्चे होते है जो ट्रेन की थोड़ी बहुत सफाई कर देते है और बदले में पैसे मांगते है, कुछ लाचार लोग होते है कुछ होते है किन्नर । और आजकल तो किन्नर इतने पेशेवर हो गए है की सज धज के आते है,  अंग्रेज़ी में नमस्ते बोलते है, कुछ तो पूरी बात ही अंग्रेज़ी में बोलते है और अंग्रेज़ी में ही पैसा मांगते है। कुछ तो यहाँ तक कह देते है की " change  नहीं है तो मेरे से ले लेना "। इन लोगो से बचने के लिए मेरे जैसे लोग पहले से ही कुछ पैसा अलग से लेकर चलते है।

जब मैंने खबरों में पढ़ा की इटली की state कंपनी Agusta Westland ने भारत में कॉन्ट्रैक्ट लेने के लिए भ्रष्टाचार में खर्च होने वाली राशी अलग से निर्धारित करके रखी थी तब मुझे लगा की हमारा देश बाकि देशो की नज़र में उस ट्रेन वाले किन्नर के सामान है जिसके लिए वो अलग से पैसा निकल के रखते है, जब चाहे हमारे देश को खरीद सकते है। ट्रेन वाला किन्नर तो पैसे मांगने के लिए मजबूर है लेकिन हमारे देश को चलने वालो की क्या मजबूरी है जिसकी वजह से वो हर दिन देश का कुछ न कुछ बेच देते है। आखिर क्या कारण है जो अपने ही देश के नेता दूसरे देशो के लिए भ्रष्टाचार करने पर मजबूर है ?

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