गणतंत्र दिवस
प्यारे बच्चों,
आप सभी को
रिपब्लिक डे यानि
की गणतंत्र दिवस
की हार्दिक बधाई|
आज ही के
दिन सन 1950 में
हमारे देश का
संविधान लागु हुआ
था | यह हमारे
लिए ख़ुशी की
बात है की
इसी संविधान के
बल पर हमारा
देश दुनिया का
सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक
देश बना| 26 जनवरी
हमारे देश और
हम सब देशवासियों
के लिए बहुत
ही महान दिन
है और ये
हमारे 3 राष्ट्रीय उत्सवों में
से एक है
| इस दिन हमारे
देश की राजधानी
सहित सभी राज्यों
की राजधानियों में
हमारा राष्ट्रीय ध्वज
तिरंगा फहराया जाता है|
आप सभी लोगों
के मन में
सवाल आता होगा
की आखिर 26 जनवरी को ही
हमारे देश का
संविधान क्यों लागू हुआ|
जैसा की आप
सब लोग जानते
हैं की 15 अगस्त
1947 को हमारा देश आज़ाद
हुआ था| हमारा
देश तो आज़ाद
हो गया था
लेकिन उसको चलाने
के लिए कोई
नियम या क़ानून
हम लोगों के
पास नहीं थे|
देश के लिए
कानून व्यवस्था बनाने
के लिए देश
में एक संविधान
समिति बनायीं गयी|
उस समिति के
चेयरमैन डॉ बी
र आंबेडकर को
बनाया गया, और
पूरे 2 साल 11 महीने और
18 दिन के बाद
संविधान बनकर तैयार
हो गया| इस
संविधान को 26 नवम्बर 1947 को
संविधान सभा ने
पास किया| 26 जनवरी
1930 को इंडियन नेशनल कांग्रेस
ने पूर्ण-स्वराज
की घोषणा की
थी| उसी दिन
को चिन्हित करने
के लिए २६
जनवरी 1950 को
हमारा संविधान लागु
किया गया|
अब एक बात
और बता दूं
की 26 जनवरी 1950 को
हमारा देश केवल
गणतांत्रिक ही नहीं
हुआ था बल्कि
धर्म-निरपेक्ष और
लोकतान्त्रिक भी हुआ|
आप लोगों के
मन में फिर
से बहुत सारे
सवाल आ रहे
होंगे जैसे ये
लोकतान्त्रिक, धर्म-निरपेक्ष
और गणतांत्रिक का
क्या मतलब है|
आइये एक-एक
करके इन तीनों
शब्दों का अर्थ
समझते है, और
सही कहो तो
ये तीन शब्द
नहीं है बल्कि
हमारे देश की
वो तीन महान
नीतियाँ है जिनके
वजह से अनेक
विभिन्नताएं होते हुए
भी हमारा देश
एक है|
गणतांत्रिक
का मतलब होता
है जिस देश
का राजा उसी
देश के लोगों
के बीच से
चुना जाता है|
हमारे देश का
राजा यानि राष्ट्रपति
हमी लोगों के
बीच से चुना
जाता है वो
भी हमारे ही
अप्रत्यक्ष मतों से|
और आप लोगों
को ये भी
बता दूँ की
15 अगस्त 1947 से लेकर
26 जनवरी 1950 तक हमारे
देश का राजा
ब्रिटिश किंग जॉर्ज
VI (अल्बर्ट फ्रेदेरिच्क आर्थर जॉर्ज)
रहे|
आइये अब जानते
है की धर्म-निरपेक्ष का क्या
अर्थ है| धर्म-निरपेक्ष
का अर्थ होता
है एक ऐसा
देश जहाँ सभी
धर्म के लोगों
को एक नज़र
से देखा जाता
है, सभी धर्म
के लोगों के
बराबर के हक
होते है और
कोई भी धर्म
का व्यक्ति पूरे
देश में कहीं
भी बिना रोक-टोक के
आ-जा सकता
है|
लोकतान्त्रिक
देश एक ऐसा
देश होता है
जहाँ पर सरकार
लोगों की होती
है, लोगों द्वारा
बनायीं जाती और
लोगों के लिए
बनायीं जाती है|
यही सरकार का
हर एक आदमी
लोगो के बीच
से चुना जाता
है लोगों के
मतों द्वारा और
लोगो के हित
के लिए|
प्यारे बच्चों ये तीन
नीतियाँ जो हमारे
देश ने अपनाइए
है कभी-कभी
हम इन्हें भूल
जाते है| और
आप लोगों ने
अनेक बार दूरदर्शन
या समाचार पत्रों
में धर्म के
नाम पर दंगों
की खबरें पढ़ी
और सुनी होंगी|
कोई भी देश
बहार से होने
वाले हमले से
कमज़ोर नहीं होता
बल्कि देश कमज़ोर
होता है अंदर
में चल रही
लड़ाइयों और दंगों
से, इसलिए देश
के नागरिक होने
के नाते हम
सभी लोगों का
ये फ़र्ज़ है
की हम सब
धर्म, जाति, रंग,
भाषा आदि के
भेद-भाव को
मिटा के मिल-जुल के
रहें|
हम लोग जिस
देश में रहते
हैं वो हमेशा
से ऐसा नहीं
था| अनेकों गुलामी
के सालों बाद
भगत सिंह, गांधीजी,
राजगुरु, सुखदेव, चंद्रशेखर और
भी अनगिनत नाम
है जिनके बलिदान
की कीमत चुका
कर हमें आज़ादी
मिली| राजेंद्र प्रसाद,
डॉ बी आर
आंबेडकर, सरदार वल्लभ भाई
पटेल और न
जाने कितने अच्छे
नेताओं की मेहनत
के बाद इस
देश में कानून
लागु हो पाया|
हमें इनकी मेहनत
और बलिदान को
बेकार नहीं जाने
देना है|
हमें अपने देश
की तरक्की और
कानून व्यवस्था को
बनाये रखना है|
देश में तेज़ी
से बढ़ रहे
भ्रष्टाचार को रोकने
का हर संभव
प्रयास करना है|
तो आइये हम
सब मिलकर आज
के दिन ये
प्रण लेते हैं
की हम भ्रष्टाचार
से ग्रसित किसी
भी गतिविधि का
हिस्सा नहीं बनेंगे,
देश के संसाधनों
यानि की बिजली,
पानी आदि का
संरक्षण करेंगे, हम न
तो किसी पर
अत्याचार करेंगे और न
ही अत्याचार सहेंगे,
हम अपने सभी
मित्रों की पढ़ाई
में मदद करेंगे,
हम सब एक
दूसरे के धर्म
और जाति का
सम्मान करेंगे और किसी
भी बुरी आदत
को नहीं अपनाएंगे|
इसी के साथ
में आप लोगों
से विदाई लेता
हूँ और आशा
करता हूँ की
आप सब लोग
देश की तरक्की,
गाँव की तरक्की
के लिए हर
संभव प्रयास करेंगे|
जय हिन्द
भारत माता की
जय भारत माता
की जय भारत माता
की जय
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