Monday, 11 February 2013

How FDI in retail will be beneficial to our country.

F D I का कुछ लोगो ने विरोध किया कुछ ने समर्थन और जहाँ तक हम लोगो के हितेसी हमारी राजनितिक पार्टियों का सवाल है तो सच यही है की उन्हें देश और लोगो के हित की कोई परवाह नहीं है इसीलिये संसद में ज्यादातर वोट FDI के समर्थन में हुए और जो पार्टियाँ अपना वोट बैंक ख़राब नहीं करना चाहती थी, वो अनुपस्थित रही । हम लोगो ने देश की बागडोर ऐसे लोगो के हाथ में दे दी है जो ऐसे अहम मौकों पर अनुपस्थित हो जाते है । मैं उन सभी नेताओ से यह पूछना चाहता हूँ की क्या वो वोट जो देश में आने वाली FDI का फैसला करता केवल उनका अकेले का था । क्या उन्होंने अनुपस्थित होकर हम सब के विश्वास को धोका नहीं दिया । हमारे वोट से चुने जाने वाले नेता को कोई हक़ नहीं, खुद से ये फैसला लेना का की उसे कहाँ अनुपस्थित होना है और कहाँ उपस्थित । और अगर वो ऐसा करता है तो हम लोगो की ये जिम्मेदारी है , की ऐसे लोग जो हम लोगो के विश्वास से खेलते है किसी भी सूरत में संसद तक न पहुंचे।

FDI से किसको फ़ायदा होगा , देश को या देश के लोगो को। देश का फ़ायदा हमेशा लोगो के लिए लाभकारी हो जरूरी नहीं है । जहाँ एक ओर देश , विकशित देश बनने के मार्ग पर तेज़ी से बढ़ रहा है वही दूसरी ओर देश में गरीबी , बेरोज़गारी , किसानो की आत्महत्याएं , आय असमानता (Income inequality ) भी तेज़ी से देश में बढ़ रही है । कहने का मतलब है की देश में इस प्रकार की नीतियाँ लागू हो गयी है जो एक वर्ग के लोगो को ही लाभ पंहुचा रही है । इसी कारण जो लोग आमीर है वो ओर आमीर हो रहे है और जो लोग गरीब है वो ओर गरीब हो रहे है । और इस क्रम को आगे बढ़ाएगा हमारा FDI | FDI से निश्चित ही हमारे देश को फ़ायदा होगा लेकिन वैसे ही जैसे अब तक बाकि नीतियों से होता आया है , मजदूरों से उनका रोज़गार छिनेगा ,किसानो से उनका बाज़ार और आमिरो की जेबे ओर गरम हो जाएँगी, हमारा देश प्रगति की रह पर और तेज़ी से बढ़ने लगेगा । ऐसे FDI का भला कौन नेता समर्थन नहीं करेगा जो उनकी ही जेब को गरम करे

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