Friday, 12 April 2013

IS CORRUPTION A MAIN PROBLEM OF OUR COUNTRY ?

करप्शन यानि के भ्रष्टाचार एक ऐसा शब्द है जिससे देश का हर नागरिक भली भाति वाकिफ है , देश का हर एक नागरिक भ्रष्टाचार को जानता है समझता है और उसके हर एक रूप को पहचानता है लेकिन फिर भी जाने क्यों इसकी मात्रा में तनिक भी कमी नहीं आती जितने ज्यादा लोग भ्रष्टाचार से दिन पे दिन अवगत हो रहे है ये उतना ही बढता जा रहा है दिल्ली में अन्ना जी का आन्दोलन हुआ , अरविन्द जी भूखे प्यासे शासन से लड़े लेकिन भ्रष्टाचार में फिर भी कोई कमी नहीं आई इतने ज्यादा मात्रा में लोगो ने अरविन्द जी का साथ दिया , भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाई लेकिन जाने उनकी आवाज़ दानव की किस दहाड़ ने दवा दी

मेरा देश शायद ही भ्रष्टाचार से आजाद हो पाए क्योकि भ्रष्टाचार मेरे देश कि मुख्य समस्या है ही नहीं   मेरे देश कि मुख्य समस्या है, तो हम सब देश वासियों कि देश भक्ति आज देश भक्ति के नाम पर सिर्फ लोग २६ जनवरी और १५ अगस्त हो तिरंगा फेहराते है और जो ज्यादा देश भक्त होते है वो दिल्ली जाकर परेड भी देखते है मैं पूरे दावे से कह सकता हूँ कि जितने लोग अन्ना जी के अगस्त आन्दोलन में आये थे अगर उतने ही लोग आन्दोलन में आने कि बजाये, भ्रष्टाचार करने का प्रण लेकर उस पर अमल करते तो शायद, कम से कम दिल्ली से तो भ्रष्टाचार निश्चय ही कुछ कम हो जाता

आज हम अपने देश से ज्यादा अपनी जाति , अपने धर्म , अपने समुदाय , अपने क्षेत्र , अपनी भाषा (जो आधे से ज्यादा भारतियों की हिंदी नहीं है ) प्यार करते है सबसे कम अगर हम किसी को प्यार करते है तो शायद वो अभागा देश ही है देश जनसंख्या विस्पोट के नज़दीक है लेकिन हम अपनी कॊम , अपने लोग, अपने समुदाय की तरक्की और सुरक्षा का हवाला देते हुए ऐसा कोई कदम उठाने को तैयार नहीं जिससे उसकी वृद्धि में कुछ कमी आये

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